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Hanuman Ansh Movie Review: ₹2 करोड़ के बजट वाली फिल्म ने कैसे कमाए ₹300 करोड़?

 Hanuman Ansh: नीम करोली बाबा के जीवन की वो कहानी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर हर किसी को चौंका दिया!

आजकल जब भी हम सिनेमाघरों का रुख करते हैं, तो अक्सर बड़ी-बड़ी एक्शन फिल्में, वीएफएक्स (VFX) और भारी-भरकम बजट वाली फिल्में ही चर्चा में रहती हैं। लेकिन इसी बीच, 7 अगस्त 2026 को एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई जिसने यह साबित कर दिया कि अगर कहानी में दम हो और भावनाएं सच्ची हों, तो फिल्म दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ही लेती है। हम बात कर रहे हैं डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) की।अगर आपने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है, या इसके बारे में सुन रहे हैं, तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर क्यों यह फिल्म इस साल की सबसे बड़ी सरप्राइज ब्लॉकबस्टर बनकर उभरी है।


क्या है फिल्म की कहानी?

'हनुमान अंश' कोई काल्पनिक कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे समय के सबसे महान और पूजनीय संतों में से एक, नीम करोली बाबा के शुरुआती जीवन पर आधारित है। फिल्म की कहानी विशाल चतुर्वेदी की ही किताब "Divine Detour: That Changed My Life" से प्रेरित है।फिल्म हमें आजादी से पहले के भारत में ले जाती है, जहाँ एक छोटा सा लड़का लक्ष्मी नारायण शर्मा (जो आगे चलकर नीम करोली बाबा बने) रहता है। अपनी मां के निधन के बाद, उस छोटे से बच्चे का मन दुनियादारी से उचट जाता है। वह सत्य और आध्यात्म की खोज में अपना घर-बार छोड़ देता है। फिल्म में उनके इसी सफर को, उनकी आंतरिक खोज को और उत्तर भारत के जंगलों-पहाड़ों में भटके उनके शुरुआती दिनों को बेहद संजीदगी से दिखाया गया है।

बॉक्स ऑफिस पर पलटा पासा

इस फिल्म की सफलता की कहानी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। जब 7 अगस्त को यह सिनेमाघरों में लगी, तो इसकी ओपनिंग बेहद शांत रही। कोई बहुत बड़ा सुपरस्टार न होने के कारण पहले हफ्ते में भीड़ कम थी।लेकिन कहते हैं न कि "माउथ पब्लिसिटी" (Word of Mouth) से बड़ा कोई प्रमोशन नहीं होता। जिसने भी यह फिल्म देखी, उसने दूसरों को देखने की सलाह दी। देखते ही देखते, तीसरे हफ्ते तक आते-आते थिएटर्स हाउसफुल होने लगे और यह फिल्म 2026 की एक बड़ी हिट साबित हुई

कमाल की एक्टिंग और निर्देशन

शोभिनव सत्या और चंदन के. आनंद: दोनों ही कलाकारों ने अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है। नीम करोली बाबा के किरदार की सरलता, उनकी आँखों की शांति और उनके अध्यात्म को पर्दे पर जीना आसान नहीं था, लेकिन एक्टर्स ने इसे बखूबी निभाया है।

विशाल चतुर्वेदी का विजन: डायरेक्टर के तौर पर विशाल ने फिल्म को लाउड (शोर-शराबे वाली) बनाने के बजाय बहुत शांत और गहरा रखा है। बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटोग्राफी आपको सीधे उस दौर में ले जाती है।

आपको यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए?

यदि आप सिर्फ मार-धाड़ वाली फिल्मों से बोर हो चुके हैं और कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपके दिल को छुए, आपको मानसिक शांति दे और जीवन के एक अलग पहलू से रूबरू कराए, तो 'हनुमान अंश' आपके लिए ही है। यह फिल्म अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक इंसान के 'संत' बनने की खूबसूरत और भावुक यात्रा को दिखाती है।सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ शुरुआत है! मेकर्स ने इसे एक ट्रिलॉजी (Trilogy) के रूप में प्लान किया है, यानी बाबा जी के जीवन के आगे के हिस्सों को हम इसके अगले दो भागों (Sequels) में देख पाएंगे।

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